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छत्तीसगढ़

आदर्श गांव भीमपुरी में जुआ-शराब पर सख्त रोक, नियम तोड़ने पर तुरंत दंड

खैरागढ़  : “खैरागढ़ का एक ऐसा गांव, जहां शराब पीने-बेचने और जुआ-सट्टा खेलने पर सरपंच व सामाजिक लोग लगाते हैं जुर्माना — और कोई भी व्यक्ति नियम तोड़ने की भूल कभी नहीं करता”

“जी हाँ, हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के बाज़ार अतरिया की, जहाँ सभी लोगों को गांव के नियमों का सख्ती से करना होता है, पालन

खैरागढ़ जिले के बाजार अतरिया के आगे स्थित गांव भीमपुरी इन दिनों अपनी अनुशासनप्रिय व्यवस्था और नशा-मुक्ति अभियान के कारण चर्चा में है। सीजी सुपरफास्ट न्यूज़ चैनल के सम्पादक सुरेश गुप्ता ने गांव पहुंचकर सरपंच प्रतिनिधि जीवन साहू, पूर्व सरपंच हिमाँचल सिंह राजपुत, जनपद सदस्य एवं विधायक प्रतिनिधि व ग्रामीणों से विशेष बातचीत की।

सरपंच प्रतिनिधि जीवन साहू ने बताया कि गांव में शराब पीना, बेचना और जुआ-सट्टा खेलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि किसी व्यक्ति को शराब पीते या जुआ खेलते पकड़ा जाता है तो गांव समिति द्वारा 2500 से 3000 रुपये तक का दंड लगाया जाता है।

पूर्व सरपंच हिमांचल सिंह राजपूत ने बताया कि वर्षों से गांव में यह परंपरा चली आ रही है कि शराब पीना, बेचना, जुआ-सट्टा खेलना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

गांव का कहना है कि यह नियम सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए नहीं बल्कि समाज को नशे एवं अवैध गतिविधियों से दूर रखने के लिए बनाया गया है। हर विवाद या मामले पर गांव द्वारा बैठक (ग्रामसभा) आयोजित कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाता है।

इन कड़े नियमों और अनुशासन की वजह से भीमपुरी को आज “आदर्श गांव” के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि इस व्यवस्था से गांव में शांति, सुरक्षा और सौहार्द का माहौल बना हुआ है।

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